लम्बे अर्से तक सामाजिक मुद्दो पर तीखी प्रतिक्रियाए लिखने के बाद आज अहसास हुआ क्यो न दो बाते प्यार की भी कर ली जाए|
भारतीय समाज और संस्कृति परिवर्तन के दौर से गुजर रही है इसलिए और ज्यादा जरूरी हो जाता है इस विषय पर बात करना| प्यार को अगर देखा जाए तो यह पहले उच्च वर्ग तक ही सीमित हुआ करता था परन्तु अब यह धीरे-धीरे मध्यम वर्ग मे भी अपने होने का अहसास करा रहा है जिसका मुख्य कारण है कि मध्यम वर्ग के अभिभावक भी अब अपने बच्चो को कुछ आजादी दे रहे है| और इसे मै भी अपने आस पास के लोगो मे महसूस कर पा रहा हूँ| Middle Class के नजरीए से देखे तो प्यार और Love merrige जैसी चीजे इसके लिए काफि हद तक नई है और यह एक परिवर्तन(Revolution) के तौर पर इस वर्ग मे आ रही है,लेकिन Science यह कहती है कि "परिवर्तन होता है तो उसका विरोध भी होता है|" जो कि हो भी रहा है आजकल|
हमे इस परिस्थिति को समझने के लिए दो वर्गो पर चिंतन करना होगा-
1.वह जो परिवर्तन चाहता है|
2.वह जो परिवर्तन का विरोध करता है|
1.परिवर्तन चाहने वाला है युवावर्ग या फिर कहे तो प्रेमी जोड़े|इनके नजरीए को समझने के लिए जरूरी है हम प्यार को समझे|प्यार Physics और Chemistry के मिश्रित रूप मे होने वाली Biological घटना है| (समझ मे न आया तोकोई बात नही आगे समझ आ जाएगा|)
Jackson Brownके अनुसार-
" Love is when the otherperson's happiness is more important than your own."
कुछ ऐसा ही होता है प्यार मे | प्यार मे आपके लिए अपने से ज्यादा किसी और की खुशी ज्यादा मायने रखती है|
यह होती है Chemistry या फिर कहे तो भावनात्मक रसायन | आपका किसी के साथ भावनात्मक लगाव होना ही प्यार है| इसके विपरीत कुछ का प्यार Physics पर आधारित हो सकता है जो कि अक्सर कम उम्र के युवाओ मे देखने को मिलता है क्योकि कम उम्र Attraction होना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और युवा इसे ही प्यार समझ बैठते है जो कि कई बार तो उनके जीवन की सबसे बडी भूल भी साबित होता है| अक्सर एक दुसरे से Physical बाते करना ,या कुछ भौतिकता के मनौविचार बाँटना....etc. ये सब केवल Physical Attraction का ही नतीजा होते है | even शादी का ख्याल आना भी Physical Attraction ही है न कि प्यार|
यही कारण है कि हर दिन हम आए दिन parents को छोड़कर या फिर भागकर शादी करने वाले Cases देख पा रहे है| जो कि आगे चलकर बहुत कम Successful हो पाते है जैसा कि आँकड़े बताते है|
2.अब बात करते है दुसरे पक्ष की जो कि परिवर्तन नही चाहता | इस पक्ष मे एक बडी संख्या तो पैरेंटस की है साथ ही ज्यादात्तर कुछ ऐसे असामाजिक तत्व है जो स्वयं को संस्कृति के रक्षक और राष्ट्रभक्त होने का दावा करते है| दरअसल देखा जाए तो पैरेंटस भी काफि हद तक इन्ही असामाजिक तत्वो से ही डरते है और सही निर्णय नही ले पाते | दरअसल सच्चाई यह है की ये राष्ट्रभक्त कभी प्यार का मतलब नही समझ पाए और इन्हे खुद को कभी प्यार करने का अवसर नही मिला होगा कारण भले ही कुछ भी रहे हो परिणाम ये हुआ की अब ये एक प्रकार की कुण्ठा से ग्रसित हो गए है तभी तो यह प्रेमी युगलो को परेशान करते है को बदनाम करने मे ही अपनी सफलता मानते है|
मुझे अभी लग रहा है कि इन दोनो गुटो मे संघर्ष अभी थोड़ा और चलेगा और कुछ समय पश्चात समाज इस परिवर्तन स्वीकार कर लेगा|
लेकिन युवाओ को भी प्रेम की सही परिभाषा समझनी होगी| प्रेम और शादी को समझने के लिए चेतन भगत का Novel" 2states" काफि मददगार है जिसमे लड़का लड़की शादी के लिए Parents को काफि Convenience करते है और न कर पाने पर parents को Partner से ज्यादा तव्वज्जो देकर शादी न करने का फैसला किया पर ये बात अलग थी की बाद मे उनकी शादी के लिए पैरेंटस मान जाते है|
बहरहाल सीधा मतलब यही है कि युवाओ को अब ऐसी बाते पैरेंटस से Share करनी चाहिए | समस्या से भागना उसका समाधान नही हो सकता| और बात अगर शादी तक आए तो अपने parents को समझाने की कोशिश करे और Positive Points बताए फिर भी अगर समझा पाने मे नाकामयाब हो तो अपने Parents को ही तव्वज्जो दे क्योकि यह आपकी कमी है कि आप या तो उनकी सोच को बदलने मे नाकामयाब रहे है या फिर आप गलत है|
सोच बदलने की क्षमता रखिए और अपने पैरेंटस को भी वक्त दिजिए और उन्हे अहसास करवाएँ खुशी का|
आपको और आपके परिवार को
दीपावली की बहुत-बहुत
शुभकामनाएँ
अपने सुझाव Comment Box मे जरूर डाले|
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